menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८०
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
सावित्री त्वाह भर्तारं नैकस्त्वं गन्तुमर्हसि |  १९   क
सह त्वय़ागमिष्यामि न हि त्वां हातुमुत्सहे ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति