menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २८१
chevron_left
chevron_right
पराशर उवाच
प्रय़त्नेन च संसिद्धा धनैरपि विवर्जिताः |  १२   क
सम्यग्घुत्वा हुतवहं मुनय़ः सिद्धिमागताः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति