menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८१
chevron_left
chevron_right
सत्यवानु उवाच
अभ्यासगमनाद्भीरु पन्थानो विदिता मम |  १०५   क
वृक्षान्तरालोकितय़ा ज्योत्स्नय़ा चापि लक्षय़े ||  १०५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति