menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८१
chevron_left
chevron_right
सावित्र्यु उवाच
यत्र मे नीय़ते भर्ता स्वय़ं वा यत्र गच्छति |  २०   क
मय़ापि तत्र गन्तव्यमेष धर्मः सनातनः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति