menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८१
chevron_left
chevron_right
सावित्र्यु उवाच
सन्तो हि सत्येन नय़न्ति सूर्यं; सन्तो भूमिं तपसा धारय़न्ति |  ४७   क
सन्तो गतिर्भूतभव्यस्य राज; न्सतां मध्ये नावसीदन्ति सन्तः ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति