menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८२
chevron_left
chevron_right
माण्डव्य उवाच
यथा वदन्ति शान्ताय़ां दिशि वै मृगपक्षिणः |  १८   क
पार्थिवी च प्रवृत्तिस्ते तथा जीवति सत्यवान् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति