menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
ततः कालेन महता सावित्र्याः कीर्तिवर्धनम् |  १२   क
तद्वै पुत्रशतं जज्ञे शूराणामनिवर्तिनाम् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति