वन पर्व  अध्याय ३०

युधिष्ठिर उवाच

अत्राप्युदाहरन्तीमा गाथा नित्यं क्षमावताम् |  ३५   क
गीताः क्षमावता कृष्णे काश्यपेन महात्मना ||  ३५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति