menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८४
chevron_left
chevron_right
कर्ण उवाच
हुत्वा शरीरं सङ्ग्रामे कृत्वा कर्म सुदुष्करम् |  ३६   क
विजित्य वा परानाजौ यशः प्राप्स्यामि केवलम् ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति