menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २८६
chevron_left
chevron_right
पराशर उवाच
कथं न विप्रणश्येम योनितोऽस्या इति प्रभो |  ३३   क
कुर्वन्ति धर्मं मनुजाः श्रुतिप्रामाण्यदर्शनात् ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति