शान्ति पर्व  अध्याय २८६

पराशर उवाच

पापात्पापसमाचारान्निहीनाच्च नराधिप |  ७   क
पाप एव वधः प्रोक्तो नरकाय़ेति निश्चय़ः ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति