menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २८७
chevron_left
chevron_right
पराशर उवाच
नीहारेण हि संवीतः शिश्नोदरपराय़णः |  २५   क
जात्यन्ध इव पन्थानमावृतात्मा न वुध्यते ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति