शान्ति पर्व  अध्याय २८९

भीष्म उवाच

वलानि योगे प्रोक्तानि मय़ैतानि विशां पते |  २९   क
निदर्शनार्थं सूक्ष्माणि वक्ष्यामि च पुनस्तव ||  २९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति