आदि पर्व  अध्याय २९

सूत उवाच

जाम्वूनदमय़ो भूत्वा मरीचिविकचोज्ज्वलः |  १   क
प्रविवेश वलात्पक्षी वारिवेग इवार्णवम् ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति