menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
उपातिष्ठन्त पशवः स्वय़ं तं संशितव्रतम् |  ११५   क
ग्राम्यारण्या महात्मानं रन्तिदेवं यशस्विनम् ||  ११५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति