menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४६
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
यदस्य वहुधा रूपं भूतं भव्यं भवत्तथा |  ११   क
स्थावरं जङ्गमं चैव वहुरूपस्ततः स्मृतः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति