menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
आचक्ष्व तद्धि नः सर्वं कुशलो ह्यसि सञ्जय़ |  ४७   क
यदुपाय़ात्तु साय़ाह्ने कृत्वा पार्थस्य किल्विषम् |  ४७   ख
अभिमन्यौ हते तात कथमासीन्मनो हि वः ||  ४७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति