menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शरैः कदम्वकीकृत्य काले तस्मिंश्च पाण्डवः |  ३४   क
समन्तपञ्चकाद्वाह्यं शिरस्तद्व्यहरत्ततः ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति