menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय २९
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
कामो हि मे सञ्जय़ नित्यमेव; नान्यद्व्रूय़ां तान्प्रति शाम्यतेति |  २   क
राज्ञश्च हि प्रिय़मेतच्छृणोमि; मन्ये चैतत्पाण्डवानां समर्थम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति