menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
त्यजेत्कुलार्थे पुरुषं ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत् |  १०   क
ग्रामं जनपदस्यार्थे आत्मार्थे पृथिवीं त्यजेत् ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति