menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अनन्यः पार्थ मत्तस्त्वमहं त्वत्तश्च भारत |  ४०   क
नावय़ोरन्तरं शक्यं वेदितुं भरतर्षभ ||  ४०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति