menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो वृकोदरो राजन्दत्त्वा तेषां धनं वहु |  ४२   क
धर्मराजाय़ तत्सर्वमाचचक्षे परन्तपः ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति