menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
जननीषु च वर्तन्ते ये न सम्यग्युधिष्ठिर |  ४३   क
सदेवकेषु लोकेषु ये न वर्तन्ति मानवाः ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति