menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९१
chevron_left
chevron_right
वसिष्ठ उवाच
हिरण्यगर्भो भगवानेष वुद्धिरिति स्मृतः |  १७   क
महानिति च योगेषु विरिञ्च इति चाप्युत ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति