menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २२५
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
पृथिव्यां यानि भूतानि जङ्गमानि ध्रुवाणि च |  १   क
तान्येवाग्रे प्रलीय़न्ते भूमित्वमुपय़ान्ति च ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति