menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९२
chevron_left
chevron_right
वसिष्ठ उवाच
अलिङ्गां प्रकृतिं त्वाहुर्लिङ्गैरनुमिमीमहे |  ४२   क
तथैव पौरुषं लिङ्गमनुमानाद्धि पश्यति ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति