शान्ति पर्व  अध्याय २९३

वसिष्ठ उवाच

षोडशी तु कला सूक्ष्मा स सोम उपधार्यताम् |  ६   क
न तूपय़ुज्यते देवैर्देवानुपय़ुनक्ति सा ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति