menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २९३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तं तु कुण्डलिनं दृष्ट्वा वर्मणा च समन्वितम् |  २०   क
अवध्यं समरे मत्वा पर्यतप्यद्युधिष्ठिरः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति