menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २९४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततश्छित्त्वा कवचं दिव्यमङ्गा; त्तथैवार्द्रं प्रददौ वासवाय़ |  ३८   क
तथोत्कृत्य प्रददौ कुण्डले ते; वैकर्तनः कर्मणा तेन कर्णः ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति