menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
तमव्रवीत्पिता नास्ति त्वदन्यः पुरुषोऽग्रजः |  १४   क
स्थाणुरेष जले मग्नो विस्रव्धः कुरु वै कृतिम् ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति