menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २१८
chevron_left
chevron_right
श्रीरु उवाच
एष मे निहितः पादो योऽय़ं सत्सु प्रतिष्ठितः |  २८   क
एवं विनिहितां शक्र भूतेषु परिधत्स्व माम् ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति