menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९५
chevron_left
chevron_right
वसिष्ठ उवाच
ज्ञानमव्यक्तमित्युक्तं ज्ञेय़ं वै पञ्चविंशकम् |  ९   क
तथैव ज्ञानमव्यक्तं विज्ञाता पञ्चविंशकः ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति