menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २९५
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
एवं हृताय़ां कृष्णाय़ां प्राप्य क्लेशमनुत्तमम् |  १   क
प्रतिलभ्य ततः कृष्णां किमकुर्वत पाण्डवाः ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति