menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २९५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तस्य गत्वा पदं शीघ्रमासाद्य च महामृगम् |  १०   क
अग्निहोत्रं न लुप्येत तदानय़त पाण्डवाः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति