menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३११
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
दिव्यानि सर्वपुष्पाणि प्रववर्षात्र मारुतः |  १७   क
जङ्गमं स्थावरं चैव प्रहृष्टमभवज्जगत् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति