वन पर्व  अध्याय २९६

यक्ष उवाच

मा तात साहसं कार्षीर्मम पूर्वपरिग्रहः |  ३७   क
प्रश्नानुक्त्वा तु कौन्तेय़ ततः पिव हरस्व च ||  ३७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति