शान्ति पर्व  अध्याय २९७

भीष्म उवाच

सत्कृत्य परिपृष्टः सन्सुमहात्मा महातपाः |  ४   क
निजगाद ततस्तस्मै श्रेय़स्करमिदं वचः ||  ४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति