शान्ति पर्व  अध्याय २९७

भीष्म उवाच

असता धर्मकामेन विशुद्धं कर्म दुष्करम् |  ९   क
सता तु धर्मकामेन सुकरं कर्म दुष्करम् ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति