आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

सोऽथ पौष्यस्तस्याशुचिभावमन्नस्यागमय़ामास ||  १२८   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति