menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ये तत्र भीमं ददृशुः समन्ता; द्दौःशासनं तद्रुधिरं पिवन्तम् |  १०   क
सर्वे पलाय़न्त भय़ाभिपन्ना; नाय़ं मनुष्य इति भाषमाणाः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति