menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
प्रविश्य च नागलोकं स्वभवनमगच्छत् |  १३८   क
तमुत्तङ्कोऽन्वाविवेश तेनैव विलेन |  १३८   ख
प्रविश्य च नागानस्तुवदेभिः श्लोकैः ||  १३८   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति