आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

स तान्सर्वांस्तुष्टाव एभिर्मन्त्रवादश्लोकैः ||  १४९   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति