menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
स तेन तपसा तात व्रह्मभूतो यदाभवत् |  ५५   क
ततो विश्वेश्वरं योनिं विश्वस्य जगतः पतिम् ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति