आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

स तत्र संविवेश केदारखण्डे |  २३   क
शय़ाने तस्मिंस्तदुदकं तस्थौ ||  २३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति