आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

स उपाध्याय़ं प्रत्युवाच |  ३६   क
भैक्षेण वृत्तिं कल्पय़ामीति ||  ३६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति