आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

तमुपाध्याय़ः प्रत्युवाच |  ३७   क
ममानिवेद्य भैक्षं नोपय़ोक्तव्यमिति ||  ३७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति