menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवं तु विविधा वाचो जय़युक्ताः पुनः पुनः |  ६८   क
कीर्तय़न्ति स्म ते वीरास्तत्र तत्र जनाधिप ||  ६८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति