आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

तमुपाध्याय़ः प्रत्युवाच |  ५६   क
कथमसि कूपे पतित इति ||  ५६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति