आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

स एवं प्रतिसमादिश्योत्तङ्कं वेदः प्रवासं जगाम ||  ८७   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति