menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
व्राह्मणे दममव्यग्रं क्षत्रिय़े तेज उत्तमम् |  १९   क
दाक्ष्यं वैश्ये च शूद्रे च सर्ववर्णानुकूलताम् ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति